केंद्र सरकार ने सोपोर–कुपवाड़ा नई रेल लाइन परियोजना को अव्यवहारिक पाए जाने के बाद रद्द कर दिया है। यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री ने बताया कि श्रीनगर–बारामूला रेल खंड की कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के लिए 34 किलोमीटर लंबी सोपोर–कुपवाड़ा नई लाइन का सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई थी, लेकिन व्यवहार्यता के आधार पर इसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से दो अन्य परियोजनाओं की DPR तैयार की गई है। इनमें काजीगुंड–श्रीनगर–बडगाम रेल खंड का दोहरीकरण (118 किमी) और बारामूला–उरी नई रेल लाइन (40 किमी) शामिल हैं।
वैष्णव ने स्पष्ट किया कि DPR तैयार होने के बाद किसी भी रेल परियोजना को मंजूरी देने के लिए राज्य सरकारों सहित विभिन्न हितधारकों से परामर्श और नीति आयोग व वित्त मंत्रालय जैसी संस्थाओं से स्वीकृति आवश्यक होती है। चूंकि परियोजनाओं की स्वीकृति एक सतत और गतिशील प्रक्रिया है, इसलिए निश्चित समयसीमा बताना संभव नहीं है।
मंत्री ने हाल ही में शुरू हुई 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से उधमपुर, रियासी, रामबन, श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम और बारामूला जिलों को सीधा रेल संपर्क मिला है।
उन्होंने बताया कि USBRL परियोजना का क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास पर बड़ा प्रभाव पड़ा है और इससे पांच करोड़ से अधिक मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ है। परियोजना के तहत 215 किलोमीटर से अधिक पहुंच मार्ग, एक सुरंग और लगभग 320 छोटे पुल भी बनाए गए हैं, जिससे स्थानीय आबादी की कनेक्टिविटी और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
मंत्री ने कहा कि घाटी को देश के बाकी रेल नेटवर्क से हर मौसम में विश्वसनीय और आरामदायक रेल संपर्क मिलने से पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

